9 ग्रहों के मंत्र – Navgrah Mantra
9 ग्रहों के मंत्र – Navagraha Vedic Mantra सूर्य मन्त्र ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः || ( 3 या 5 माला का जप प्रतिदिन ) चन्द्र मन्त्र ॐ श्रीं क्रीं […]
9 ग्रहों के मंत्र – Navagraha Vedic Mantra सूर्य मन्त्र ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः || ( 3 या 5 माला का जप प्रतिदिन ) चन्द्र मन्त्र ॐ श्रीं क्रीं […]
श्री नवदुर्गा रक्षामंत्र – Navdurga Raksha Mantra Lyrics – ॐ शैलपुत्री मैया रक्षा करो | ॐ जगजननि देवी रक्षा करो | ॐ नव दुर्गा नमः | ॐ जगजननी नमः ||
मंत्र क्या है मंत्र शब्द मन +त्र के संयोग से बना है !मन का अर्थ है सोच ,विचार ,मनन ,या चिंतन करना ! और “त्र ” का अर्थ है बचाने
शयन का मन्त्र जले रक्षतु वाराहः स्थले रक्षतु वामनः । अटव्यां नारसिंहश्च सर्वतः पातु केशवः ।। क्षमा प्रार्थना मन्त्र मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं जनार्दन । यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे
दुर्गा नाममाला – Durga Nam दुर्गा दुर्गार्तिशामिनी दुर्गापद्विनिवारिणी | दुर्गमच्छेदिनी दुर्गसाधिनी दुर्गनाशिनी || दुर्गतोद्धारिणी दुर्गनिहंत्री दुर्गमापहा | दुर्गमज्ञानदा दुर्गदैत्यलोकदवानला || दुर्गमा दुर्गमालोका दुर्गमात्मस्वरूपिणी | दुर्गमार्गप्रदा दुर्गमविधया दुर्गमाश्रिता || दुर्गमज्ञानसंस्थाना दुर्गमध्यानभासिनी
विनियोग – ॐ अस्य श्रीदेव्या: कवचस्य ब्रह्मा ऋषि:, अनुष्टुप् छन्द:, ख्फ्रें चामुण्डाख्या महा-लक्ष्मी:देवता, ह्रीं ह्रसौं ह्स्क्लीं ह्रीं ह्रसौं अंग-न्यस्ता देव्य: शक्तय:, ऐं ह्स्रीं ह्रक्लीं श्रीं ह्वर्युं क्ष्म्रौं स्फ्रें बीजानि, श्रीमहालक्ष्मी-प्रीतये
श्री महासरस्वती सहस्त्रनाम स्तोत्रम * अथ ध्यानम् श्रीमच्चन्दनचर्चितोज्ज्वलवपु: शुक्लाम्बरा मल्लिका- मालाललित कुन्तला प्रविलासन्मुक्तावलीशोभना । सर्वज्ञाननिधानपुस्तकधरा रुद्राक्षमालाङ्किता वाग्देवी वदनाम्बुजे वसतु मे त्रैलोक्यमाता शुभा ॥1॥ नारद उवाच- भगवन्परमेशान सर्वलोकैकनायक । कथं सरस्वती
शत्रु बाधा हेतु बगलामुखी मंत्र साधना – Baglamukhi Sadhna शत्रुनाशिनी श्री बगलामुखी (Baglamukhi) का परिचय भौतिकरूप में शत्रुओं का शमन करने की इच्छा रखने वाली तथा आध्यात्मिक रूप में परमात्मा
आदि शक्ति योनिस्तोत्रम् ॐ भग-रूपा जगन्माता सृष्टि-स्थिति-लयान्विता । दशविद्या – स्वरूपात्मा योनिर्मां पातु सर्वदा ।।१।। कोण-त्रय-युता देवि स्तुति-निन्दा-विवर्जिता । जगदानन्द-सम्भूता योनिर्मां पातु सर्वदा ।।२।। कात्र्रिकी – कुन्तलं रूपं योन्युपरि सुशोभितम्
शिव पुराण – Shiv Puran Katha in Hindi Shiv Puran Katha – शिव का अर्थ है कल्याण। शिव के महात्मय से ओत-प्रोत से यह पुराण शिव पुराण कथा (Shiv Puran