मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

नित्य क्रिया पूजन मंत्र

शयन का मन्त्र

जले रक्षतु वाराहः स्थले रक्षतु वामनः ।

अटव्यां नारसिंहश्च सर्वतः पातु केशवः ।।

क्षमा प्रार्थना मन्त्र

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं जनार्दन ।

यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे ।।

अग्नि जिमाने का मन्त्र

ॐ भूपतये स्वाहा, ॐ भुवनप, ॐ भुवनपतये स्वाहा ।

ॐ भूतानां पतये स्वाहा ।।

कहकर तीन आहूतियाँ बने हुए भोजन को डालें ।

या

।। ॐ नमो नारायणाय ।।

कहकर नमक रहित अन्न को अग्नि में डालें ।

भोग लगाने का मन्त्र

त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये ।

गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर ।।

अन्नपूर्णा मन्त्र

अन्नपूर्णे सदा पूर्णे शंकरप्राणवल्लभे ।

ज्ञानवैराग्यसिद्ध्य भिक्षां देहि च पार्वति ।।

प्रदक्षिणा मन्त्र

यानि कानि च पापानि जन्मान्तरकृतानि च ।

तानि तानि प्रणश्यन्ति प्रदक्षिण पदे पदे ।।

माला जपते समय का मन्त्र

अनिध्यं कुरु माले त्वं गृह् णामि दक्षिणे करें ।

जापकाले च सिद्धयर्थें प्रसीद मम सिद्धये ।।

तिलक लगाने का मन्त्र

केशवानन्न्त गोविन्द बाराह पुरुषोत्तम ।

पुण्यं यशस्यमायुष्यं तिलकं मे प्रसीदतु ।।

कान्ति लक्ष्मीं धृतिं सौख्यं सौभाग्यमतुलं बलम् ।

ददातु चन्दनं नित्यं सततं धारयाम्यहम् ।।

चन्द्र अर्ध्य मन्त्र

क्षीरोदार्णवसम्भूत अत्रिगोत्रसमुद् भव ।

गृहाणार्ध्यं शशांकेदं रोहिण्य सहितो मम ।।

चरणामृत मन्त्र

अकालमृत्युहरणं सर्वव्याधिविनाशनम् ।

विष्णोः पादोदकं पीत्वा पुनर्जन्म न विद्यते ।।

आसन व शरीर शुद्धि मन्त्र

ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतो5पि वा ।

यः स्मरेत पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः ।।

स्नान मन्त्र

गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति ।

नर्मदे सिन्धु कावेरि जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु ।।

आपदाओं से त्राण पाने का मन्त्र

हे वासुदेव !

हे नृसिंह !

हे आपादा उद्धारक !

भय से मुक्ति मन्त्र

हृषिकेश गोविन्द हरे मुरारी !

हे ! हृषिकेश गोविन्द हरे मुरारी !!

सन्तान सुख मन्त्र

हे जगन्नाथ ! हे जगदीश !!

हे जगत् पति !! हे जगदाधार !!

ग्रह पीड़ा-नक्षत्र दोष दूर करने का मन्त्र

नारायणं सर्वकालं क्षुत प्रस्खलनादिषु ।

ग्रह नक्षत्र पीडाषु देव बाधाषु सर्वतः ।।

मुकदमें में विजय का मन्त्र

हे चक्रधर !

हे चक्रपाणि !!

हे चक्रायुधधारी !!!

निर्विघ्न निद्रा मन्त्र

हे पद्मनाभं सुरेशं ।

हे पद्मनाभं सुरेशं ।

दुख विनाशक मन्त्र

  1. ॐ अनन्ताय नमः ।
  2. ॐ गोविन्दाय नमः ।

सम्पत्ति प्राप्ति मन्त्र

आयुर्देहि धनं देहि विद्यां देहि महेश्वरि ।

समस्तमखिलां देहि देहि मे परमेश्वरि ।।

सफ़लता प्राप्ति मन्त्र

कृष्ण कृष्ण महायोगिन्

भक्तानाम भयंकर

गोविन्द परमानन्द सर्व मे वश्यमानय ।।

स्वास्थ्य प्राप्ति मन्त्र

अच्युतानन्द गोविन्द

नामोच्चारण भेषजात ।

नश्यन्ति सकला रोगाः

सत्यंसत्यं वदाम्यहम् ।।

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