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स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि का जीवन परिचय – Swami Satyamitranand Giri Biography सनातन परंपरा के संतों में सहज, सरल और तपोनिष्ठ स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि का नाम उन संतों में लिया जाता है, जिनके आगे कोई भी पद या पुरस्कार छोटे पड़ जाते हैं। तन, मन और वचन से परोपकारी संत सत्यमित्रानंद आध्यात्मिक चेतना के धनी थे।

जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज – Kripalu ji Maharaj Biography श्री कृपालु जी महाराज जी (Shri Kripalu ji Maharaj) का जन्म सन् 1922 में शरद पूर्णिमा की मध्यरात्रि में भारत के उत्तर प्रदेश प्रांत के प्रतापगढ़ जिले के मनगढ़ ग्राम में सर्वोच्च ब्राम्हण कुल में हुआ था। जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज का कोई गुरु

रविदास (रैदास) की जीवनी (Sant Ravidas ji Biography) रविदास भारत के एक महान संत, कवि, समाज-सुधारक और ईश्वर के अनुयायी थे। ईश्वर के प्रति अपने असीम प्यार और अपने चाहने वाले, अनुयायी, सामुदायिक और सामाजिक लोगों में सुधार के लिये अपने महान कविता लेखनों के जरिये संत रविदास ने विविध प्रकार की आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश

स्वामी अवधेशानंद गिरी – Avdheshanand ji Maharaj Avdheshanand Giri Wiki : स्वामी श्री अवधेशानंद गिरी जी महाराज (Avdheshanand Ji) पूर्ण रूप से आत्मा की ज्योति से पूरिपूर्ण हैं। आनंद, पवित्रता और पुण्य की आभा से परिपूर्ण स्वामी अवधेशानंद गिरी जी (swami avdheshanand giri) हिन्दू धर्म की साक्षात् मूर्ति हैं, श्री अवधेशानन्द गिरि महाराज , जूना

देवकीनंदन ठाकुर जी जीवन परिचय – Devkinandan Thakur ji  Devkinandan Thakur Ji – श्री देवकीनन्दन ठाकुर जी महाराज के भजन और भागवत कथा (Devkinandan Thakur ke Bhajan & Bhagwat Katha) को भक्तजन बहुत पसंद करते है | देवकीनन्दन ठाकुर जी (devkinandan thakur pravachan) महाराज का जन्म 12 सितम्बर 1978 को श्री कृष्ण जी की जन्मभूमि

स्वामी दयानंद सरस्वती पूरा नाम             – मूलशंकर अंबाशंकर तिवारी. जन्म                 – 12 फरवरी 1824 जन्मस्थान        – टंकारा (मोखी संस्थान, गुजरात). पिता                 – अंबाशंकर. माता                – अमृतबाई. शिक्षा               – शालेय

अवधूत बाबा शिवानंद – Avdhoot Baba Shivanand  डॉ. अवधूत शिवानंद जी (Shivanand Baba) का जन्म 26 मार्च 1955 को दिल्ली में हुआ और वे राजस्थान  में बड़े हुए। अवधूत बाबा शिवानंद जी (shivanand babaji) को बचपन से ही ईश्वर की प्राप्ति को लेकर एक जुनून-सा था। वह जब मात्र आठ साल के थे, एक महान

भगवान शंकर के अवतार आदि शंकराचार्य पूरा नाम – आदि शंकराचार्य जन्म– 788 ई. जन्म भूमि– कालडी़ ग्राम, केरल मृत्यु– 820 ई. मृत्यु स्थान– केदारनाथ, उत्तराखण्ड गुरु– गोविन्द योगी कर्म भूमि- भारत कर्म-क्षेत्र- दार्शनिक, संत, संस्कृत साहित्यकार मुख्य रचनाएँ– उपनिषदों, श्रीमद्भगवद गीता एवं ब्रह्मसूत्र पर भाष्य लिखे हैं। विशेष योगदान– चार पीठों (मठ) की स्थापना करना इनका मुख्य रूप से उल्लेखनीय कार्य रहा, जो आज

ओशो का परिचय देना आकाश को मुट्ठी में बांधने जैसा असंभव काम है… और किस ओशो का परिचय दिया जाए- मृण्मय दीपक का अथवा चिन्मय ज्योति का? चैतन्य की वह लौ तो कागजी शब्द-पेटियों में समाती नहीं, केवल परोक्ष सांकेतिक भाषा में इशारे संभव हैं; जैसे उनकी समाधि पर अंकित ये : ओशो  जिनका न

माता अमृतानंदमयी दक्षिण भारत के केरल राज्य में मछुआरों की बस्ती में एक दरिद्र परिवार में जन्मीं माता अमृतानंदमयी मां ने वित्त मंत्री अरूण जेटली को ‘नमामी गंगे अभियान’ के लिए 100 करोड़ रूपए का चैक दिया। इसके पहले सुनामी के समय भी उन्होंने गरीब मछुआरों की मदद के लिए लगभग एक हजार करोड़ रूपया