धर्म ज्ञान

शास्त्रानुसार आरोग्य के लिए कुश का आसन, भस्म का लेपन और पंचगव्य की महत्ता

कुश के आसन की महत्ता क्यों ? पुराणों के अनुसार जब भगवान विष्णु वाराह रूप धारण कर समुद्र में छिपे असुर हिरण्याक्ष का वध कर बाहर निकले तो उन्होनें अपने […]

अकालमृत्यु और असाध्य रोगों से मुक्ति के लिए महामृत्युंजय मंत्र जप

महामृत्युंजय मंत्र जाप क्यों ? धर्मग्रंन्थों में भगवान शिव कों प्रसन्न करने, अकालमृत्यु से बचने तथा असाध्य रोगों से मुक्त होने के लिए भगवान शिव केे महामृत्युंजय मंत्र के जप

भगवन शिव की आराधना हेतु महेश नवमी उत्सव क्यों मनाया जाता है

महेश नवमी उत्सव क्यों ? हिंदू समाज का महेश्वरी वर्ग महेश (शिव) नवमी उत्सव धूमधाम से मनाता है। कहा जाता है कि इस वंश की उत्पत्ति शिव यानी महेश द्वारा

भैरव उपासना क्यों ? और क्यों विष्णु-स्वरूप होकर भी ये साक्षात् शिव के दूसरे रूप माने जातें है

भैरव उपासना क्यों ? धर्म-शास्त्रों में भैरव को एक विशिष्ट देवता कहा गया है। इनका एक स्वतंत्र आगम है, जो ‘भैरव आगम’ के नाम से जाना जाता है। भैरव को

ओंकार सर्वश्रेष्ठ क्यों ?

ओंकार सर्वश्रेष्ठ क्यों ? ‘ योग दर्शन ’ में कहा गया है ऊॅं साक्षात् ब्रह्म एतद्वि एवं अक्षर परम्। एतद्धयेवाक्षरं ज्ञात्वा यो यदिच्छति तस्य तत्।। ‘ओेंकार ’ की संकल्पना के

पुराणों के अनुसार मानव जीवन में संकल्प का महत्व क्यों और कैसे ?

संकल्प का महत्व क्यों और कैसे ? बहुत-सी इच्छाओं में से किसी एक इच्छा का चुनाव कर उसे मुर्त रूप देने का नाम ही संकल्प है। अतःसंकल्पपूर्वक किए गए कार्य

क्यों शिखा (चोटी) को हिंदू धर्म का एक उपलक्षण माना गया है ?

शिखा (चोटी) का महत्व क्यों ? शिखा (चोटी) को हिंदू धर्म का एक उपलक्षण माना गया है। प्रकृति एवं विज्ञान के नियमों को ध्यान में रखकर ‘शिखा शास्त्र’ की रचना

धार्मिक कार्यों में अलग अलग दिशाओ का वैज्ञानिक महत्व और आरोग्य लाभ

धार्मिक कार्यों में अलग दिशाएं ? शास्त्रों अनुसार दस दिशाएं मानी गई है- चार मुख्य, चार उपदिशा एवं ऊध्र्व-अधवरा। सूर्योंदय को पूर्व दिशा और सूर्यास्त को पश्चिम दिशा मानकर आठ

Scroll to Top