नाथद्वारा श्री नाथ जी
श्री नाथद्वारा राजस्थान के राजसमन्द जिले मै स्थित है। श्रीनाथद्वारा पुष्टिमार्गीय वैष्णव सम्प्रदाय की प्रधान (प्रमुख) पीठ है। यहाँ नंदनंदन आनन्दकंद श्रीनाथजी का भव्य मन्दिर है जो करोडों वैष्णवो की […]
श्री नाथद्वारा राजस्थान के राजसमन्द जिले मै स्थित है। श्रीनाथद्वारा पुष्टिमार्गीय वैष्णव सम्प्रदाय की प्रधान (प्रमुख) पीठ है। यहाँ नंदनंदन आनन्दकंद श्रीनाथजी का भव्य मन्दिर है जो करोडों वैष्णवो की […]
योग क्या है | What is Yoga योग का शाब्दिक अर्थ है – जोड़, सम्बन्ध या मिलन| प्रत्येक व्यक्ति का किसी न किसी व्यक्ति, वस्तु, वौभव से योग होता ही
भाग्य रेखा – Bhagya Rekha हाथ की भाग्य रेखा दर्शाती है की व्यक्ति का भाग्य प्रबल है या दुर्बल, हस्त रेखा ज्ञान के अनुसार भाग्य रेखा (Fate line in Palmistry)
कृष्ण यजुर्वेद शाखा का यह उपनिषद तैत्तिरीय आरण्यक का एक भाग है। इस आरण्यक के सातवें, आठवें और नौवें अध्यायों को ही उपनिषद की मान्यता प्राप्त हैं इस उपनिषद के
छान्दोग्य उपनिषद – Chandogya Upanishads Chandogya Upanishad Hindi : सामवेद की तलवकार शाखा में इस उपनिषद को मान्यता प्राप्त है। छान्दोग्य उपनिषद (Chandogya Upanishad Pdf) मे दस अध्याय हैं। इसके
Kenopanishad – केनोपनिषद Kenopanishad Hindi – सामवेदीय ‘तलवकार ब्राह्मण’ के नौवें अध्याय में केनोपनिषद (Kena upanishad PDF) का उल्लेख है। इसमें ‘केन’ (किसके द्वारा) का विवेचन होने से इसे ‘केनोपनिषद’
Kathopanishad – कठोपनिषद kathopanishad in hindi – कृष्ण यजुर्वेद शाखा का यह उपनिषद (kathopanishad pdf) अत्यन्त महत्त्वपूर्ण उपनिषदों में है। कठोपनिषद के रचयिता कठ नाम के तपस्वी आचार्य थे। वे
उपनिषद | Upnishads Hindi उपनिषद् (Upnishad in Hindi) हिन्दू धर्म के महत्त्वपूर्ण श्रुति धर्मग्रन्थ हैं। उपनिषद् (Upnishads) वैदिक वांग्मय के अभिन्न भाग हैं। इनमें परमेश्वर, परमात्मा-ब्रह्म और आत्मा के स्वभाव और
देवी लक्ष्मी | विष्णुप्रिया लक्ष्मी हिन्दू धर्म की एक प्रमुख देवी हैं। वो lord Vishnu की पत्नी हैं और धन, सम्पदा, शान्ति और समृद्धि की देवी मानी जाती हैं। दिवाली उत्सव में
सरस्वती देवी : सृजन की देवी, विद्या की अधिष्ठात्री, श्वेत वस्त्रधारिणी और कला की जननी सरस्वती hindu dharm की प्रमुख देवियों में से एक हैं। ये Lord Brahma की मानसपुत्री हैं जो विद्या की