जानिये ज्योतिष शास्त्र : पार्ट-3
जानिये ज्योतिष शास्त्र : पार्ट-3 अब हम थोडा और आगे बढ़ेंगे | जैसे जैसे हम आगे बढ़ते हैं, वैसे वैसे हमारा वास्ता पंचांग और कैलेंडर से पड़ता जायेगा | अतः […]
जानिये ज्योतिष शास्त्र : पार्ट-3 अब हम थोडा और आगे बढ़ेंगे | जैसे जैसे हम आगे बढ़ते हैं, वैसे वैसे हमारा वास्ता पंचांग और कैलेंडर से पड़ता जायेगा | अतः […]
जानिये ज्योतिष शास्त्र : पार्ट -2 योजनानि शतान्यष्टो भूकर्णों द्विगुणानि तु |तद्वर्गतो दशगुणात्पदे भूपरिधिर्भवते || अर्थात पृथ्वी का व्यास ८०० के दूने १६०० योजन है, इसके वर्ग का १० गुना
जानिये ज्योतिष शास्त्र : पार्ट -1 लोकानामन्तकृत्कालः कालोन्यः कल्नात्मकः | स द्विधा स्थूल सुक्ष्मत्वान्मूर्त श्चामूर्त उच्यते || अर्थात :- एक प्रकार का काल संसार का नाश करता है और दूसरे प्रकार का कलानात्मक है
महात्मा महर्षि भृगु भार्गववंश के मूलपुरुष महर्षि भृगु जिनको जनसामान्य ॠचाओं के रचिता, भृगुसंहिता के रचनाकार, यज्ञों मे ब्रह्मा बनने वाले ब्राह्मण और त्रिदेवों की परीक्षा में भगवान विष्णु की