16 संस्कारों में चौथा संस्कार – जातकर्म संस्कार
जातकर्म संस्कार – Jatakarma Sanskar हिंदू धर्म के 16 संस्कारों पर आधारित लेखों की श्रृंखला में हम अभी तक आपको पहले तीन संस्कारों के बारे में बता चुके हैं। पहले […]
जातकर्म संस्कार – Jatakarma Sanskar हिंदू धर्म के 16 संस्कारों पर आधारित लेखों की श्रृंखला में हम अभी तक आपको पहले तीन संस्कारों के बारे में बता चुके हैं। पहले […]
सीमन्तोन्नयन संस्कार – Simantonnayana Sanskar हिंदू धर्म के संस्कारों पर हमने लेखों की श्रृंखला शुरु की है जिसमें अभी तक हमने पहले और दूसरे संस्कार यानि गर्भाधान और पुंसवन के
पुंसवन संस्कार – Pumsavana Karma हिंदू धर्म में जन्म से लेकर मृत्यु पर्यन्त किये जाने वाले प्रमुख संस्कार 16 माने जाते हैं। पहला संस्कार गर्भाधान संस्कार माना जाता है जो
अन्नप्राशन संस्कार कब और क्यों – Annaprashana Sanskar Annaprashana Sanskar : हिंदू धर्म में मनुष्य के पैदा होने से मरण तक 16 संस्कार किए जाते हैं। इन सभी का व्यक्ति
गर्भाधान संस्कार – श्रेष्ठ संतान के लिये विधिनुसार करें गर्भाधान संस्कार का अर्थ संस्करण, परिष्करण, विमलीकरण अथवा विशुद्धिकरण से लिया जाता है। हिंदू धर्म में जातक के जन्म की प्रक्रिया
मार्गशीर्ष पूर्णिमा – Margashirsha Purnima मार्गशीर्ष पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव और चंद्रदेव की अराधना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा