Author name: Team Bhaktisatsang

भक्ति सत्संग वेबसाइट ईश्वरीय भक्ति में ओतप्रोत रहने वाले उन सभी मनुष्यो के लिए एक आध्यात्मिक यात्रा है, जिन्हे अपने निज जीवन में सदैव ईश्वर और ईश्वरत्व का एहसास रहा है और महाज्ञानियो द्वारा बतलाये गए सत के पथ पर चलने हेतु तत्पर है | यहाँ पधारने के लिए आप सभी महानुभावो को कोटि कोटि प्रणाम

ब्रह्मा | प्रजापति

ब्रह्मा | प्रजापति Lord Brahma हिन्दू धर्म में एक प्रमुख देवता हैं। ये हिन्दुओं के तीन प्रमुख देवताओं (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) में से एक हैं। ब्रह्मा को सृष्टि का रचयिता कहा […]

सिद्धिविनायक मंदिर – Siddhivinayak Mandir

सिद्घिविनायक मंदिर – Siddhivinayak Mandir अष्ट विनायक में दूसरे गणेश हैं सिद्धिविनायक। यह मंदिर पुणे से करीब 200 किमी दूरी पर स्थित है। समीप ही भीम नदी है। यह क्षेत्र

नाग पंचमी कथा

नाग पंचमी कथा – Nag Panchami Katha नाग पंचमी (Nag Panchami) एक ऐसा पर्व है जिसमें नागों और सर्पों की पूजा की जाती है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की

परशुराम | शिव भक्त परशुराम

  परशुराम | शिव भक्त परशुराम आरम्भिक शिक्षा महर्षि विश्वामित्र एवं ऋचीक के आश्रम में प्राप्त होने के साथ ही महर्षि ऋचीक से सारंग नामक दिव्य वैष्णव धनुष और ब्रह्मर्षि

सूर्य देवता

सूर्य देवता भुवन भास्कर भगवान सूर्यनारायण प्रत्यक्ष देवता हैं, प्रकाश रूप हैं। उपनिषदों में भगवान सूर्य के ‍तीन रूप माने गए हैं- (1) निर्गुण, निराकार, (2) सगुण निराकार तथा (3)

jaganath-puri-mandir

जगन्नाथ पूरी मंदिर – Jagannath Puri Temple

जगन्नाथ मंदिर – Jagannath Temple पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर एक महत्वपूर्ण हिंदू मंदिर है जो भारत के पूर्वी तट पर स्थित, भगवान जगन्नाथ का एक रूप है, जो ओडिशा

शनिवार व्रत कथा

शनिवार व्रत कथा | Shani Dev Vrat Katha Shani Dev Vrat Katha – अग्नि पुराण के अनुसारशनि ग्रह की से मुक्ति केलिए “मूल” नक्षत्र युक्तशनिवार से आरंभ करकेसात शनिवार शनिदेव

सोमवार व्रत कथा

सोमवार व्रत कथा | Monday Vrat Katha  हिन्दू धर्म के अनुसार सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है। जो व्यक्ति सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा

बुधवार व्रत कथा

बुधवार व्रत कथा – Budhwar Vrat Katha Budhwar Vrat – बुध ग्रह की शांति और सर्व-सुखों की इच्छा रखनेवाले स्त्री-पुरुषों को बुधवार का व्रत अवश्य करना चाहिए। बुधवार का व्रत

नृसिंह जयंती व्रतकथा

नृसिंह जयंती व्रतकथा | Narsmiha Vrat Khatha हिन्दू पंचांग के अनुसारनृसिंह जयंती का व्रतवैशाख माह के शुक्ल पक्षकी चतुर्थी तिथि को मनायाजाता है| पुराणों में वर्णितकथाओं के अनुसार इसीपावन दिवस को भक्तप्रहलाद की रक्षा करने केलिए भगवान विष्णु ने नृसिंह रूप में अवतार लिया था| जिस कारणवश यह दिन भगवान नृसिंह के जयंती रूप में बड़े ही धूमधाम और हर्सोल्लास के साथ मनाया जाता है| भगवान नृसिंह

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