Author name: Team Bhaktisatsang

भक्ति सत्संग वेबसाइट ईश्वरीय भक्ति में ओतप्रोत रहने वाले उन सभी मनुष्यो के लिए एक आध्यात्मिक यात्रा है, जिन्हे अपने निज जीवन में सदैव ईश्वर और ईश्वरत्व का एहसास रहा है और महाज्ञानियो द्वारा बतलाये गए सत के पथ पर चलने हेतु तत्पर है | यहाँ पधारने के लिए आप सभी महानुभावो को कोटि कोटि प्रणाम

लाल किताब के इन उपायो से शत प्रतिशत भूत व प्रेतबाधा से मुक्ति मिलेगी

लाल किताब के इन उपायो से शत प्रतिशत भूत व प्रेतबाधा से मुक्ति मिलेगी  में भूतों से बचने के अनेक उपाय बताए गए हैं। चरक संहिता में प्रेत बाधा से […]

नल दमयंती की कथा – Nal Damyanti Katha

  नल दमयंती की कथा – Nal Damyanti Story आज आपको राजा Nal Damyanti  की कथा (Nal Damyanti Katha) बताएँगे, एक बार की बात है निषध देश में वीरसेन के

लाल किताब के ज्योतिष उपाय से करे शनि देव को प्रसन्न

लाल किताब और शनि धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिवार (शनिवार व्रत कथा) को कुछ विशेष उपाय करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों का कल्याण करते हैं। मान्यता के

साल में 5 घंटे खुलने वाला अद्भुत निराई माता का मंदिर

निराई माता – Nirai Mata Temple  देवी-देवता के मंदिर भारत के कोने-कोने पर स्थित है। हर मंदिर का अपना कोई न कोई रहस्य होता है। जिसके कारण वह विश्व प्रसिद्ध

मोक्ष संन्यास योग – Moksha Sanyas Yoga – गीता अध्याय -18

गीता अध्याय मोक्ष संन्यास योग – Moksha Sanyas Yoga त्याग का विषय: अर्जुन उवाच सन्न्यासस्य महाबाहो तत्त्वमिच्छामि वेदितुम्‌ । त्यागस्य च हृषीकेश पृथक्केशिनिषूदन ॥  भावार्थ : अर्जुन बोले- हे महाबाहो!

श्रद्धात्रय विभाग योग – Shradhatray Vibhag Yoga- गीता अध्याय -17

गीता अध्याय -17 श्रद्धात्रय विभाग योग – Shradhatray Vibhag Yoga श्रद्धा का और शास्त्रविपरीत घोर तप करने वालों का विषय : अर्जुन उवाच ये शास्त्रविधिमुत्सृज्य यजन्ते श्रद्धयान्विताः। तेषां निष्ठा तु

दैवासुर सम्पद विभाग योग – Daivasur Sampad Vibhag Yoga – गीता अध्याय -16

गीता अध्याय -16 दैवासुर सम्पद विभाग योग – Daivasur Sampad Vibhag Yoga फलसहित दैवी और आसुरी संपदा का कथन: श्रीभगवानुवाच अभयं सत्त्वसंशुद्धिर्ज्ञानयोगव्यवस्थितिः। दानं दमश्च यज्ञश्च स्वाध्यायस्तप आर्जवम्‌॥  भावार्थ : श्री भगवान

पुरुषोत्तमयोग – Purushottma Yoga – गीता अध्याय -15

गीता अध्याय -15 पुरुषोत्तमयोग – Purushottma Yoga संसार वृक्ष का कथन और भगवत्प्राप्ति का उपाय : श्रीभगवानुवाच ऊर्ध्वमूलमधः शाखमश्वत्थं प्राहुरव्ययम्‌ । छन्दांसि यस्य पर्णानि यस्तं वेद स वेदवित्‌ ॥  भावार्थ

गुणत्रय विभाग योग – Gunatray Vibhag Yoga – गीता अध्याय -14

गीता अध्याय -14 गुणत्रय विभाग योग – Gunatray Vibhag Yoga ज्ञान की महिमा और प्रकृति–पुरुष से जगत्‌ की उत्पत्ति: श्रीभगवानुवाच परं भूयः प्रवक्ष्यामि ज्ञानानं मानमुत्तमम्‌ । यज्ज्ञात्वा मुनयः सर्वे परां

Scroll to Top