पुराणों के अनुसार मानव जीवन में संकल्प का महत्व क्यों और कैसे ?
संकल्प का महत्व क्यों और कैसे ? बहुत-सी इच्छाओं में से किसी एक इच्छा का चुनाव कर उसे मुर्त रूप देने का नाम ही संकल्प है। अतःसंकल्पपूर्वक किए गए कार्य […]
संकल्प का महत्व क्यों और कैसे ? बहुत-सी इच्छाओं में से किसी एक इच्छा का चुनाव कर उसे मुर्त रूप देने का नाम ही संकल्प है। अतःसंकल्पपूर्वक किए गए कार्य […]
गृह प्रवेश और भूमि पूजन – Grah Pravesh & Bhumi Pujan भवन सम्बन्धी कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माह का चयन करना अति महत्वपूर्ण होता है । भारतीय कैलेण्डर
उपवास ( व्रत ) क्यों ? | Fasting in Hinduism उपवास का व्यावहारिक अर्थ है अन्न ग्रहण न करना य उपवास के पदार्थ खाना। उपवास में आलस्य, निद्रा एवं पित्त
शिखा (चोटी) का महत्व क्यों ? शिखा (चोटी) को हिंदू धर्म का एक उपलक्षण माना गया है। प्रकृति एवं विज्ञान के नियमों को ध्यान में रखकर ‘शिखा शास्त्र’ की रचना
धार्मिक कार्यों में अलग दिशाएं ? शास्त्रों अनुसार दस दिशाएं मानी गई है- चार मुख्य, चार उपदिशा एवं ऊध्र्व-अधवरा। सूर्योंदय को पूर्व दिशा और सूर्यास्त को पश्चिम दिशा मानकर आठ
सूर्योदय से पूर्व दिन में दो प्रहार होते है, ब्रहम मुहूर्त उन्ही दो प्रहर में से पहले प्रहर को कहा जाता है. उसके बाद वाले समय को विष्णु मुहूर्त कहते
ईशान मुखी भवन (Ishan Mukhi Bhawan) : जिस भवन के सामने – मुख्य द्वार के सामने ईशान दिशा ( उत्तर पूर्व दिशा ) की ओर मार्ग होता है ऐसे भवन
Hast Rekha Gyan – व्यक्ति गुणों के आधार पर हाथ का वर्गीकरण Hast Rekha Gyan : हाथ की बनावट यानी प्रकार करपृष्ठ आदि से मनुष्य की प्रवृति शक्ति, बौद्विक स्तर
पेड़-पौधों द्वारा वास्तु उपचार – Vastu Upay Through Tree पेड़-पौधे भगवान द्वारा भेंट की हुई वह चमत्कारिक शक्ति है, यदि इसे संयोजित ढंग से प्रयोग किया जाए तो हर समस्या