Author name: Team Bhaktisatsang

भक्ति सत्संग वेबसाइट ईश्वरीय भक्ति में ओतप्रोत रहने वाले उन सभी मनुष्यो के लिए एक आध्यात्मिक यात्रा है, जिन्हे अपने निज जीवन में सदैव ईश्वर और ईश्वरत्व का एहसास रहा है और महाज्ञानियो द्वारा बतलाये गए सत के पथ पर चलने हेतु तत्पर है | यहाँ पधारने के लिए आप सभी महानुभावो को कोटि कोटि प्रणाम

महाकाल भैरवाष्टकम् – Mahakala Bhairava Ashtakam

महाकाल भैरवाष्टकम् – Mahakala Bhairava Ashtakam यं यं यं यक्षरूपं दशदिशिविदितं भूमिकम्पायमानं, सं सं संहारमूर्तिं शिरमुकुटजटा शेखरंचन्द्रबिम्बम् । दं दं दं दीर्घकायं विक्रितनख मुखं चोर्ध्वरोमं करालं, पं पं पं पापनाशं

अर्धनारीश्वर अष्टकम – Ardhanareeswara Ashtakam

अर्धनारीश्वर अष्टकम – Ardhanareeswara Ashtakam चाम्पॆयगौरार्धशरीरकायै कर्पूरगौरार्धशरीरकाय । धम्मिल्लकायै च जटाधराय नमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ 1 ॥ कस्तूरिकाकुङ्कुमचर्चितायै चितारजःपुञ्ज विचर्चिताय । कृतस्मरायै विकृतस्मराय नमः शिवायै च नमः शिवाय

श्री शिव महिमा अष्टकम – Shiv Mahima Ashtakam

 Shiv Mahima Ashtakam – श्री शिव महिमा अष्टकम सुरवृन्दमुनीश्वरवन्द्यपदो हिमशैलविहारकरो रुचिरः । अनुरागनिधिर्मणिसर्पधरो जयतीह शिवः शिवरूपधरः ॥ १॥ भवतापविदग्धविपत्तिहरो भवमुक्तिकरो भवनामधरः । धृतचन्द्रशिरो विषपानकरो जयतीह शिवः शिवरूपधरः ॥ २॥ निजपार्षदवृन्दजयोच्चरितः

batuk-bhirav-kavach

बटुक भैरव कवच – Batuk Bhairav Kavach

काल भैरव कवच- Bhairav Kavach काल भैरव की पूजा में बटुक भैरव कवच (batuk bhairav kavach) या काल भैरव कवच (kal bhairav kavach) का भी पाठ करना चाहिए। भक्त bhairav

ज्येष्ठ अधिक अमावस्या – जानें अधिक अमावस्या का महत्व व व्रत पूजा विधि

ज्येष्ठ अधिक अमावस्या – Jyeshtha Adhik Amavasya   अमावस्या तिथि को दान पुण्य के लिये, पितरों की शांति के लिये किये जाने वाले पिंड दान, तर्पण आदि के लिये बहुत ही

दुर्गा कवच पाठ – Durga Kavach lyrics

दुर्गा कवच पाठ – Durga Kavach in Sanskrit माँ दुर्गा कवच durga kavach hindi अठारह पुराणों में से एक मार्कंडेय पुराण के विशेष श्लोकों का एक संग्रह है, वही श्री

Putrada Ekadashi

Putrada Ekadashi – संतान सुख के लिए जरूर करें श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत

Putrada Ekadashi – श्रावण पुत्रदा एकादशी Putrada Ekadashi Vrat – पुत्रदा एकादशी का व्रत हर साल श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन

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