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भक्ति सत्संग वेबसाइट ईश्वरीय भक्ति में ओतप्रोत रहने वाले उन सभी मनुष्यो के लिए एक आध्यात्मिक यात्रा है, जिन्हे अपने निज जीवन में सदैव ईश्वर और ईश्वरत्व का एहसास रहा है और महाज्ञानियो द्वारा बतलाये गए सत के पथ पर चलने हेतु तत्पर है | यहाँ पधारने के लिए आप सभी महानुभावो को कोटि कोटि प्रणाम

शिव कवच (Amogh Shiv Kavach) शिव कवच in hindi pdf

शिव कवच –  Shiv Kavach शिव कवच in hindi pdf सभी प्रकार के शारीरिक, मानसिक, आर्थिक कष्टों से मुक्ति दिलाता है। शिव कवच-स्तोत्र (amogh shiv kavach) हमें भगवान शिव की […]

Chandi Kavach – श्री चण्डी कवच

Chandi Kavach – श्री चण्डी कवच चंडी कवच आपके आस-पास के नकारात्मकता को खत्म करने के लिए एक शक्तिशाली स्तोत्र है। चंडी कवच ब्रह्मा द्वारा ऋषि मार्कंडेय को सुनाया गया

Maa Baglamukhi Kavach – माँ बगलामुखी कवच

माँ बगलामुखी कवच – Maa Baglamukhi Kavach दस महाविधा में आठवीं महाविद्या देवी बगलामुखी हैं। उनकी पूजा करने से शत्रु का विनाश और वाद-विवाद, कोर्ट कचहरी आदि में जीत के

तू पहले दस कदम तो चल

गाँव के लोग उसे ‘ हरिया’ कहकर बुलाते थे। वह एकदम सीधा सादा, भोला भाला, सहज सरल किसान था। गाँव में उसके थोड़े से खेत थे। इन खेतों से ही

मन की शांति पानी हो तो क्षमाशील बनें

क्षमा बोरों का भूषण है, शूरमाओं का अलंकार है पर आकर्षणों को भूल भुलैया का होना स्वाभाविक है और देवताओं का दिव्य लक्षण है। सच्चा वीर व साहसी और संभवतः

होलाष्टक – होली से पहले के 8 दिन क्यों माने जाते हैं अत्यंत अशुभ

होलाष्टक – Holashtak होलाष्टक (Holashtak) शब्द होली (Holi Festival) और अष्टक दो शब्दों से मिलकर बना है. जिसका भावार्थ होता है होली के आठ दिन. इसी दिन से होली उत्सव

भारत हजारों वर्षों से आध्यात्मिक जगद्गुरु क्यों रहा हैं ?

हमारा देश भारत हजारों वर्षों से आध्यात्मिक जगद्गुरु क्यों रहा है? चार धामों की अवधारणा भारत में ही क्यों है? क्यों नौ बार इस भूमि पर भगवान ने जन्म लिया?

सनातन धर्म के रहस्य – भाग 1

मृतक का सिर उत्तर दिशा की ओर क्यों रखते हैं? मृत्युकाल के समय प्राणी (मनुष्य) को उत्तर की ओर सिर करके इसलिए लिटाते हैं कि प्राणों का उत्सर्ग दशम द्वार

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