Author name: Team Bhaktisatsang

भक्ति सत्संग वेबसाइट ईश्वरीय भक्ति में ओतप्रोत रहने वाले उन सभी मनुष्यो के लिए एक आध्यात्मिक यात्रा है, जिन्हे अपने निज जीवन में सदैव ईश्वर और ईश्वरत्व का एहसास रहा है और महाज्ञानियो द्वारा बतलाये गए सत के पथ पर चलने हेतु तत्पर है | यहाँ पधारने के लिए आप सभी महानुभावो को कोटि कोटि प्रणाम

सरल रुद्राष्टाध्यायी – रुद्री पाठ हिंदी में

रुद्री पाठ – Rudri Path रुद्री पाठ हिंदी में – इसे शुक्लयजुर्वेदीय रुद्राष्टाध्यायी (Rudri Paath) भी कहते हैं। रुद्राष्टाध्यायी दो शब्द रुद्र अर्थात् शिव और अष्टाध्यायी अर्थात् आठ अध्यायों वाला, […]

शिव प्रिय रूद्री पाठ के रहस्य

शिव प्रिय रूद्री पाठ के रहस्य – Shiv Rudri Path Secrets शिवो गुरूः शिवो देवः शिवो बन्धुः शरीरिणाम्। शिव आत्मा शिवो जीवः शिवादन्यन्न किंचन।। यानी भगवान शिव गुरू हैं, शिव

श्री श्री 1008 रामऋषि महाराज – जोधपुर के दिव्य संतो में से एक

श्री राम ऋषि महाराज का जन्म मध्यम वर्गीय पुष्करणा ब्राह्मण परिवार चताणी व्यास श्री आसूलाल जी के घर भादवा कृष्ण पक्ष तृतीय संवत् 1970 में बडी चताणियों की गली, गांछाबाजार

Karnavedha Sanskar

Karnavedha Sanskar – 16 संस्कारों में दसवा कर्णभेद संस्कार

Karnavedha Sanskar – कर्णवेध संस्कार का महत्व और विधि हिंदू धर्म में संस्कारों की महत्ता जातक के जन्म लेने की प्रक्रिया के आरंभ से लेकर अंत्येष्टि तक चलती रहती है।

शिवाष्टकम – Shivashtakam

शिवाष्टकम् – Shivashtakam with lyrics शिवाष्टकम या शिव अष्टकम (Shivashtakam) भगवान शिव की स्तुति में एक शक्तिशाली स्तोत्र है। ऐसा कहा जाता है कि शिवाष्टकम का पाठ करने से आपको

शिव गीता – शिवजी द्वारा श्री रामचंद्र जी को उपदेश

शिवजी द्वारा श्री रामचंद्र जी को शिव गीता का उपदेश भगवान शिव ही इस संपूर्ण सृष्टि के अनादि देव है जिनके महिमा का वर्णन वेदो, पुराणों, दर्शन, योग , तंत्र

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