Author name: Team Bhaktisatsang

भक्ति सत्संग वेबसाइट ईश्वरीय भक्ति में ओतप्रोत रहने वाले उन सभी मनुष्यो के लिए एक आध्यात्मिक यात्रा है, जिन्हे अपने निज जीवन में सदैव ईश्वर और ईश्वरत्व का एहसास रहा है और महाज्ञानियो द्वारा बतलाये गए सत के पथ पर चलने हेतु तत्पर है | यहाँ पधारने के लिए आप सभी महानुभावो को कोटि कोटि प्रणाम

ऋषि, मुनि, साधु, संन्यासी, तपस्वी, योगी, संत और महात्मा में क्या अंतर है?

हिन्दू धर्म में ऋषि-मुनियों का क्या महत्त्व रहा है वो बताने की आवश्यकता नहीं है। शास्त्रों में इन्हे समाज का मार्गदर्शन करने वाला कहा गया है। अपने ज्ञान और साधना

जाने व्यक्ति के पुनर्जन्म के रहस्य और कितनी है पुनर्जन्म की सच्चाई

पुनर्जन्म के रहस्य – पुनर्जन्म की सच्चाई संसार में कुछ वर्ग विशेष के लोग यह मानते हैं कि व्यक्ति का बार बार जन्म नहीं होता तथा प्रत्येक व्यक्ति का केवल

पुरुष कृत्रिम रूप से गर्भ धारण कर सकते है को सिद्ध करता सनातन विज्ञानं

क्या पुरुष कृत्रिम रूप से गर्भ धारण कर सकते हैं? आज के आधुनिक युग में हम नए नए अविष्कार कर रहे हैं। विगत कुछ वर्षों से ये बात सिद्ध हो

जाने लक्ष्मी प्राप्ति के घरेलू उपाय और लक्ष्मी प्राप्ति मंत्र

लक्ष्मी प्राप्ति के घरेलू उपाय और लक्ष्मी प्राप्ति मंत्र अगर आप चाहते हैं कि आप भी धनवान बनें, आपके व्यापार में बढ़ौतरी हो, घर परिवार में हमेशा खुशहाली बनी रहे

देव्यपराध क्षमापन स्तोत्र – पूत कपूत हो सकता है लेकिन माता कभी कुमाता नहीं हो सकती

देव्यपराध क्षमापन स्तोत्र – Devi Apradh Kshamapan Stotra कलियुग में कुछ चीजें ऐसी हैं जो बहुत प्रसिद्ध और प्रामाणिक हैं। प्रामाणिक इस कारण से हैं क्यूंकि इस युग में भी

कर्म क्या है, कर्म का अर्थ व कर्म पर गीता के संस्कृत श्लोक

कर्म का सिद्धांत – कर्म का अर्थ कर्म का सिद्धांत अत्यंत कठोर है। जहां अच्छे कर्म व्यक्ति के जीवन को प्रगति की दिशा में ले जाते हैं, वहीं बुरे कर्म

शीघ्र आध्यात्मिक उन्नति के लिए कालानुसार उचित साधना

अध्यात्म में रूचि रखने वाले व्यक्तियों के लिए साधना – How to do Sadhana हमारे जीवन में कभी-कभी ऐसे संत मनीषियों का प्रादुर्भाव हो जाता है जो केवल भजन करते

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