वास्तु के अनुसार कैसे हो बच्चों की शिक्षा बेहतर
Vastu tips for child study – बच्चों में माता-पिता की जान बसती है और सब अपने बच्चों को बेस्ट देना चाहते है, जिससे वह हैल्थी और एनर्जेटिक लाइफ जी सकें। पैरेन्ट्स का सपना होता है कि बच्चे पढ़ने-लिखने में होशियार हो। बच्चों की छोटी-छोटी खुशियों को पूरा करने के लिए दिन- रात कड़ी मेहनत करते हैं। लेकिन इतने प्रयासों के बाद भी जब वे देखते हैं कि बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है या उन्हें कोई तकलीफ हो रही है तो माता-पिता को बहुत दुख होता है। आपने ऐसा कभी सोचा इसका क्या कारण है और ऐसा क्यों हो रहा है।
बच्चों के बहुमुखी विकास के लिए सही खान- पान, गाईडेंस और एज्यूकेशन के साथ- साथ हैल्थी एटमॉस्पीयर की भी जरूरत होती है। बच्चे एक ऐसे बीज होते हैं, जिनमें विकास की अनंत पॉसिब्लिटी छुपी हुई होती है। आज ये ही पॉसिब्लिटी आपके लिए हकीकत बनने जा रही है। बच्चों के टैलेंट को इंक्रीज करने के लिए उन्हें बचपन से ही पॉजिटीव माहौल देना चाहिए। वास्तु के उपायों का ध्यान रखा जाएं तो बच्चों की एज्यूकेशन और हैल्थ में काफी सुधार देखने को मिलेगा। तो आईए जानते है उन उपायों के बारें में जिन्हें अपनाकर अपने बच्चों को एक उज्जवल भविष्य की राह दे सकते है।
Vastu Tips For Child Study
» स्टडी टेबल को नॉर्थ-ईस्ट में रखा जाना चाहिए जगह के अभाव में आप इसे साउथ-वेस्ट में भी रख सकते है। लेकिन पढ़ते समय बच्चे का फेस नॉर्थ या ईस्ट डायरेक्शन में होना चाहिए।
» स्टडी टेबल पर गंदगी, धूल, मिट्टी नहीं लगने दे। हमेशा साफ-सुथरी रखें। टेबल पर क्रिस्टल का पिरामिड, ग्लोब या सरस्वती पिरामिड़ रखें।
» स्टडी रूम या जहां बच्चे पढ़ते है वहां मनी या बेम्बो प्लांट लगाए। जिससे पॉजिटीव एनर्जी बनी रहेगी।
» बच्चों के रूम में टूटी-फूटी चीजें नहीं होनी चाहिए। इससे नेगेटीव वाइब्स फैलती है जिसका इफेक्ट आपके बच्चों की हैल्थ पर पड़ता है।
» जिस फील्ड में बच्चा करियर बनाना चाहता है उनसे रिलेटेड फोटो, पेंटिंगस, बुक्स आदि रखें।
» कंसंट्रेशन बढ़ाने के लिए उनके रूम में गुलाब या चंदन की धूप अगरबत्ती लगाएं या फ्लावर पॉट में गुलाब के फूल रखें। इससे बच्चे के मन में नए-नए आईडिया आएंगे। जिससे उनका विजन क्लियर होगा।
» स्टडी से पहले माँ सरस्वती का मन ही मन स्मरण अवश्य करें। स्टडी कभी भी बिस्तर पर बैठकर ना करें।
» बच्चे की कम्यूनिकेशन स्किल अच्छी बनाए रखने के लिए हमेशा ईस्ट फेस में प्रेक्टिस करवाएं।
» जब भी आपका बच्चा पढ़ने के लिए बैठे तो उसकी पीठ के पीछे दीवार होनी चाहिए अगर कोई खिड़की या दरवाजे है तो उस पर लाइट कलर का पर्दा लगाएं।
» जिस रूम में बच्चा पढ़ाई के साथ रेस्ट भी करता है उसका बैड ऐसा हो कि सोते समय उसके पैर साउथ डायरेक्शन में ना हो।
» उत्तर-पूर्व में उसके पसंदीदा विषय से जुड़ी कोई तस्वीर लगाएं।
» बच्चों का बेड लगाते समय इस बात का खास ख्याल रखें कि उसका सिर शौचालय की ओर न हो। शौचालय अपशिष्ट पदार्थों के विसर्जन की जगह है इस ओर सिर करके सोने से बच्चे का ध्यान पढ़ाई से हट जाता है।