सुखकर्ता दु:खहर्ता – Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics

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गणेश आरती – Ganesh ji Ki Aarti

Ganesh ji ki Aarti Lyrics – गणपति जी की पूजा करने के बाद उनकी आरती (Aarti of Ganesh ji in Marathi) करने भर से आपके जीवन के कष्ट दूर हो सकते हैं। गणेश चतुर्थी के दिन बप्पा की आरती का विशेष महत्व होता है।

Ganesh ji Ki Aarti With Lyrics – सुखकर्ता दु:खहर्ता

सुखकर्ता दु:खहर्ता वार्ता विघ्नाची

नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची

सर्वांगी सुंदर उटि शेंदुराची

कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची ।। १ ।।

जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ती

दर्शनमात्रे मन:कामना पुरती ।। ।।

रत्नखचित फरा तुज गौरीकुमरा

चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा

हिरेजडीत मुगुट शोभ तोबरा

रुणझुणती नूपूरे चरणी घागरिया ।। २ ।।

लंबोदर पीतांबर फणिवरबंधना

सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना

दास रामाचा वाट पाहे सदना

संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवरवंदना ।। ३ ।।

घालीन लोटांगण वंदीन चरण ।

डोळ्यांनी पाहिन रुप तुझे ॥

प्रेमें आलिंगिन आनंदे पूजीन ।

भावें ओवाळिन म्हणे नामा ॥१॥

त्वमेव माता च पिता त्वमेव त्वमेव बंधुश्च सखा त्वमेव ।

त्वमेव विद्या द्रविडं त्वमेव त्वमेव सर्वं मम देवदेव ॥२॥

कायेन वाचा मनसेन्द्रियैवा बुद्धयात्मना वा प्रकृतिस्वभावात ।

करोमि यद्यत्सकलं परस्मै नारायणायेति समर्पयामि ॥३॥

अच्युतं केशवं रामनारायणं कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम् ।

श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं जानकीनायकं रामचंद्रं भजे ॥४॥

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।

हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ॥५॥ |…

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