मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

राधाकृष्णा वंदना

 

राधाकृष्णा वंदना

त्वं माता कृष्ण प्राणाधिका देवी
कृष्ण प्रेममयी शक्ति शुभे
पुजितासी मया सा च या श्री कृष्णेन पूजिता
कृष्ण भक्ति प्रदे राधे नमस्ते मंगल प्रदे
हे माँ राधा, आप श्री कृष्ण के प्राण ( अधिष्ठात्री देवी ) हैं तथा आप ही श्री कृष्ण की प्रेममयी शक्ति तथा शोभा हैं | श्री कृष्ण भी जिनकी पूजा करते हैं वे देवी मेरी पूजा स्वीकार करें हे देवी राधा ! मुझे कृष्ण भक्ति प्रदान करें मेरा नमन स्वीकार करें तथा मेरा मंगल करें |

हे दीनबन्धो दिनेश सर्वेश्वर नमोस्तुते
गोपेश गोपिका कांत राधा कांता नमोस्तुते
हे दीनबंधो ( दया पात्रों के मित्र ) दिनेश ( दया पात्रों के ईश्वर ) सब ईश्वरों के ईश्वर प्रभु मेरा नमन मेरी स्तुति स्वीकार करें |
आप गोपिओं के ईश्वर एवं प्राणनाथ हैं तथा श्री राधा जी आपके प्राण ( अधिष्टात्री देवी ) हैं | प्रभु मेरा नमन मेरी स्तुति स्वीकार करें

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भक्ति सत्संग वेबसाइट ईश्वरीय भक्ति में ओतप्रोत रहने वाले उन सभी मनुष्यो के लिए एक आध्यात्मिक यात्रा है, जिन्हे अपने निज जीवन में सदैव ईश्वर और ईश्वरत्व का एहसास रहा है और महाज्ञानियो द्वारा बतलाये गए सत के पथ पर चलने हेतु तत्पर है | यहाँ पधारने के लिए आप सभी महानुभावो को कोटि कोटि प्रणाम

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