व्रत - त्यौहार शुभ मुहूर्त

क्या है प्रदोष व्रत – जाने प्रदोष व्रत तिथि 2019 एवं महत्व

क्या है प्रदोष व्रत ?

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार प्रदोष व्रत त्रयोदशी के दिन रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा की जाती है। प्रत्येक महीने में दो प्रदोष व्रत (शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष) होते हैं।

अलग-अलग तरह के प्रदोष व्रत

  • सोमवार को आने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोषम या चन्द्र प्रदोषम भी कहा जाता है।
  • मंगलवार को आने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोषम कहा जाता है।
  • शनिवार को आने वाले प्रदोष व्रत को शनि प्रदोषम कहा जाता है।

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साल 2019 के लिए प्रदोष व्रत की सूची

दिनांक

त्यौहार

गुरुवार, 03 जनवरी प्रदोष व्रत (कृष्ण)

शुक्रवार, 18 जनवरी

प्रदोष व्रत (शुक्ल)

शनिवार, 02 फरवरी

शनि प्रदोष व्रत (कृष्ण)

रविवार, 17 फरवरी

प्रदोष व्रत (शुक्ल)

रविवार, 03 मार्च

प्रदोष व्रत (कृष्ण)

  1. सोमवार, 18 मार्च
                               सोम प्रदोष व्रत (शुक्ल)
मंगलवार, 02 अप्रैल भौम प्रदोष व्रत (कृष्ण)
बुधवार, 17 अप्रैल प्रदोष व्रत (शुक्ल)
गुरुवार, 02 मई    प्रदोष व्रत (कृष्ण)
गुरुवार, 16 मई प्रदोष व्रत (शुक्ल)
शुक्रवार, 31 मई प्रदोष व्रत (कृष्ण)
शुक्रवार, 14 जून प्रदोष व्रत (शुक्ल)
रविवार, 30 जून प्रदोष व्रत (कृष्ण)
रविवार, 14 जुलाई प्रदोष व्रत (शुक्ल)
सोमवार, 29 जुलाई सोम प्रदोष व्रत (कृष्ण)
सोमवार, 12 अगस्त सोम प्रदोष व्रत (शुक्ल)
बुधवार, 28 अगस्त प्रदोष व्रत (कृष्ण)
बुधवार, 11 सितंबर प्रदोष व्रत (शुक्ल)
गुरुवार, 26 सितंबर प्रदोष व्रत (कृष्ण)
शुक्रवार, 11 अक्टूबर प्रदोष व्रत (शुक्ल)
शनिवार, 09 नवंबर शनि प्रदोष व्रत (शुक्ल)
रविवार, 24 नवंबर प्रदोष व्रत (कृष्ण)
सोमवार, 09 दिसंबर सोम प्रदोष व्रत (शुक्ल)
सोमवार, 23 दिसंबर सोम प्रदोष व्रत (कृष्ण)

* (कृष्ण) – कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत, (शुक्ल) – शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत का महत्व

प्रदोष व्रत अन्य दूसरे व्रतों से अधिक शुभ एवं महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता यह भी है इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है एवं मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। उसी तरह प्रदोष व्रत रखने एवं दो गाय दान करने से भी यही सिद्धी प्राप्त होती है एवं भगवान शिव का आर्शीवाद प्राप्त होता है।

अलग-अलग वार (सप्ताह का दिन) के लाभ

  • रविवार के दिन व्रत रखने से अच्छी सेहत एवं उम्र लम्बी होती है।
  • सोमवार के दिन व्रत रखने से सभी मनोकामनाऐं पूर्ण होती है।
  • मंगलवार के दिन व्रत रखने से बीमारीयों से राहत मिलती है।
  • बुधवार के दिन प्रदोष व्रत रखने से सभी मनोकामनाऐं एवं इच्छाऐं पूर्ण होती है।
  • वृहस्पतिवार को व्रत रखने से दुश्मनों का नाश होता है।
  • शुक्रवार को व्रत रखने से शादीशुदा जिंदगी एवं भाग्य अच्छा होता है।
  • शनिवार को व्रत रखने से संतान प्राप्त होती है।

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार पूजा का सही समय

सभी शिव मन्दिरों में शाम के समय प्रदोषम मंत्र का जाप किया जाता है।

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