मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

माँ सिद्धिदात्री के उपासना मंत्र, ध्यान मंत्र, स्तोत्र और कवच

 

माँ सिद्धिदात्री के उपासना मंत्र, ध्यान मंत्र, स्तोत्र और कवच

माँ सिद्धिदात्री उपासना मंत्र

सिद्धगंधर्वयक्षाद्यैरसुरैररमरैरपि।

सेव्यमाना सदा भूयात सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।।

माँ सिद्धिदात्री ध्यान

वन्दे वांछितमनरोरार्थेचन्द्रार्घकृतशेखराम्।

कमलस्थिताचतुर्भुजासिद्धि यशस्वनीम्॥

स्वर्णावर्णानिर्वाणचक्रस्थितानवम् दुर्गा त्रिनेत्राम।

शंख, चक्र, गदा पदमधरा सिद्धिदात्रीभजेम्॥

पटाम्बरपरिधानांसुहास्यानानालंकारभूषिताम्।

मंजीर, हार केयूर, किंकिणिरत्नकुण्डलमण्डिताम्॥

प्रफुल्ल वदनापल्लवाधराकांत कपोलापीनपयोधराम्।

कमनीयांलावण्यांक्षीणकटिंनिम्ननाभिंनितम्बनीम्॥

माँ सिद्धिदात्री स्तोत्र

कंचनाभा शंखचक्रगदामधरामुकुटोज्वलां।

स्मेरमुखीशिवपत्नीसिद्धिदात्रीनमोअस्तुतेघ्

पटाम्बरपरिधानांनानालंकारभूषितां।

नलिनस्थितांपलिनाक्षींसिद्धिदात्रीनमोअस्तुतेघ्

परमानंदमयीदेवि परब्रह्म परमात्मा।

परमशक्ति,परमभक्तिसिद्धिदात्रीनमोअस्तुतेघ्

विश्वकतींविश्वभर्तीविश्वहतींविश्वप्रीता।

विश्वद्दचताविश्वतीतासिद्धिदात्रीनमोअस्तुतेघ्

भुक्तिमुक्तिकारणीभक्तकष्टनिवारिणी।

भवसागर तारिणी सिद्धिदात्रीनमोअस्तुते।।

धर्माथकामप्रदायिनीमहामोह विनाशिनी।

मोक्षदायिनीसिद्धिदात्रीसिद्धिदात्रीनमोअस्तुतेघ्

माँ सिद्धिदात्री कवच

ओंकाररू पातुशीर्षोमां, ऐं बीजंमां हृदयो।

हीं बीजंसदापातुनभोगृहोचपादयोघ्

ललाट कर्णोश्रींबीजंपातुक्लींबीजंमां नेत्र घ्राणो।

कपोल चिबुकोहसौरूपातुजगत्प्रसूत्यैमां सर्व वदनोघ्

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