ज्योतिष ज्ञान

काल भैरव को प्रसन्न करने के उपाय

काल भैरव – Kaal Bhairav

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, शिव जी के बहुत से स्वरुप हैं जिनमें से एक स्वरुप काल भैरव भी है। काल भैरव को देवी शक्ति के कोतवाल के रूप में जाना जाता है। यह रूप भगवान् शिव का उग्र रूप कहा जाता है जिनका पूजन आज से नहीं बल्कि पिछली कई सदियों से किया जाता आ रहा है।

काल भैरव शिव का प्रचंड स्वरुप है जिनका पूजन दुश्मनों को परास्त करने के लिए किया जाता है। काल भैरव का नियमित पूजन करने से मनुष्य को दुश्मनों से लड़ने की शक्ति मिलती है और इनकी पूजा से काले जादू के प्रभाव से भी बचा जा सकता है। ग्रहों की खराब चाल और आपत्तिजनक स्थितियों से बचने के लिए भी काल भैरव के पूजन का विधान है।

तांत्रिको इनकी आराधना करते है

इन्हे तांत्रिकों का देवता कहा जाता है इसलिए इनकी पूजा रात में की जाती है। और अगली सुबह पवित्र नदी में नहाकर भैरव बाबा को राख चढ़ाई जाती है। काल भैरव के पूजन में काले कुत्ते का बहुत अधिक महत्व होता है क्यूंकि माना जाता है की काले कुत्ते की सेवा करने से काल भैरव का आशीर्वाद मिलता है। यहाँ हम आपको काल भैरव को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय बता रहे हैं जिनकी मदद से काल भैरव को प्रसन्न किया जा सकता है।

कहते है काल भैरव देवता को प्रसन्न करके मनचाहा वरदान पाया जा सकता है। तो आइये जानते है उन उपायों के बारे में।

काल भैरव को प्रसन्न करने के उपाय 

  • भैरव बाबा को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन अपने शहर के किसी ऐसे भैरव मंदिर को ढूंढे जहाँ लोगों ने पूजा करना लगभग छोड़ दिया हो। उसके बाद रविवार के दिन सुबह जल्दी जाकर मंदिर में सिंदूर, तेल, नारियल, पुए और जलेबी भैरव बाबा को चढ़ाकर उनका पूजन करें।
  • शनिवार के दिन सरसों के तेल में पापड़, पकौड़े, पुए आदि चीजे बनाकर रविवार के दिन किसी गरीब की बस्ती में जा कर बाँट आये। ऐसा करने से काल भैरव अधिक प्रसन्न होते हैं।
  • बुधवार के दिन सवा सौ ग्राम काले तिल, सवा सौ ग्राम काले उड़द, सवा 11 रुपए को सवा मीटर काले कपड़े की पोटली में बांधकर काल भैरव के मंदिर में दे आएं।
  • पांच गुरुवार तक हर गुरुवार को पांच नींबू भैरव बाबा को चढ़ाएं।
  • शुक्रवार या रविवार के दिन भैरव मंदिर में गुलाब, चन्दन या गूगल की 33 खुशबूदार अगरबत्तियां जलाएं। बाबा प्रसन्न होंगे।
  • काल भैरव को खुश करने के लिए रविवार, बुधवार या गुरुवार किसी भी दिन एक रोटी ले और उस पर अपनी तर्जनी और मध्यमा अंगुली को तेल में डुबोकर एक लाइन बनाएं। फिर यह रोटी किसी दो रंग वाले कुत्ते को खिलाएं।
  • बुधवार के दिन सवा किलो जलेबी भैरव मंदिर में चढ़ाएं और काले कुत्ते को खिलाएं। आने वाली बढ़ाएं दूर हो जाएंगी।
  • हर बृहस्पतिवार को कुत्ते को गुड़ खिलाने से भी काल भैरव प्रसन्न होते हैं।
  • शनिवार की रात को सरसों के तेल में उडद की दाल के पकोड़े बनाएं और रात भर उन्हें ढक कर रख दे। अगली सुबह जल्दी उठकर सुबह 6 से 7 बजे के बीच किसी से कुछ कहे बिना घर से निकले और राह में मिलने वाले सबसे पहले कुत्ते को यह पकोड़े खिला दे। भैरव नाथ खुश होंगे।
  • अगर आपका सामर्थ हो तो किसी भी दिन रेलवे स्टेशन जाकर किसी कोढ़ी, भिखारी को मदिरा की बोतल दान में दे। कहते है इससे भी भैरव बाबा प्रसन्न होते हैं।
  • काल भैरव की कृपा पाने के लिए लोबान, गूगल, कपूर, तुलसी, नीम, सरसों के पत्ते मिलकर सुबह और शाम को घर में धूनी देनी चाहिए। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं रहती।
  • 7 रोली, सिन्दूर, रक्तचंदन का चूर्ण, लाल फूल, गुड़, उड़द का बड़ा, धान का लावा, ईख का रस, तिल का तेल, लोबान, लाल वस्त्र, भुना केला और सरसों का तेल भैरव जी की प्रिय वस्तुएं मानी जाती है इन्हे अर्पित करने से भी भैरव नाथ खुश होते हैं।
  • काल भैरव की कृपा पाने के लिए भैरव मंदिर में इमरती व मदिरा का भोग लगाना चाहिए।
  • काले कुत्ते को भोजन कराने और दूध पिलाने से भी जातक पर काल भैरव की कृपा सदैव बनी रहती है।

ऊपर बताये गए सभी उपाय ज्योतिष के अनुसार है। अगर आपके यहाँ किसी अन्य तरीके से भैरव बाबा का पूजन किया जाता है और खुश किया जाता है तो आप उस तरह से ही भैरव बाबा की कृपा पा सकते हैं।

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