मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

सबसे बड़ा मंत्र गायत्री मंत्र

हिन्दू समाज गायत्री मंत्र को ईश्वर की आराधना के लिए सबसे बड़ा मंत्र मानता है जो इस प्रकार है-

ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं

भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात् ।

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(भाव अनुवाद)

ओम् ईश अनादि अनंत हरे ।

जीवन  का  आधार  स्वयंभू  सबमें  प्राण  भरे ।

जिसका  ध्यान दुखों को  हरता दुख से स्वयं परे ।

विविध रूप जग में व्यापक प्रभु धारण सकल करे ।

जो  उत्पन्न  जगत  को करके  सब ऐश्वर्य भरे ।

शुद्ध  स्वरूप  ब्रह्म अविनाशी का मन वरण करे ।

दिव्य  गुणों से आपूरित जो सुख का सृजन करे ।

वह  जगदीश्वर बुद्धि  हमारी  प्रेरित सुपथ करे ।

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