क्या है वेद – हिदू धर्म के सर्वोच्च और सर्वोपरि धर्मग्रन्थ या …
वेद – Vedas in Hindi वेद ही हिन्दू धर्म के सर्वोच्च और सर्वोपरि धर्मग्रन्थ हैं। सामान्य भाषा में वेद का अर्थ है “ज्ञान” वस्तुत: ज्ञान वह प्रकाश है जो मनुष्य-मन के अज्ञान-रूपी अन्धकार
वेद – Vedas in Hindi वेद ही हिन्दू धर्म के सर्वोच्च और सर्वोपरि धर्मग्रन्थ हैं। सामान्य भाषा में वेद का अर्थ है “ज्ञान” वस्तुत: ज्ञान वह प्रकाश है जो मनुष्य-मन के अज्ञान-रूपी अन्धकार
मुण्डकोपनिषद – Mundakopnishad Pdf मदकू द्वीप मुण्डकोपनिषद के रचयिता ऋषि माण्डूक्य की तप स्थली रही है। यही पर उन्होंने इसकी रचना करी थी, मुण्डकोपनिषद अथर्ववेद की शौनकीय शाखा से सम्बन्धित
स्वामी दयानंद सरस्वती पूरा नाम – मूलशंकर अंबाशंकर तिवारी. जन्म – 12 फरवरी 1824 जन्मस्थान –
अवधूत बाबा शिवानंद – Avdhoot Baba Shivanand डॉ. अवधूत शिवानंद जी (Shivanand Baba) का जन्म 26 मार्च 1955 को दिल्ली में हुआ और वे राजस्थान में बड़े हुए। अवधूत बाबा
छान्दोग्योपनिषद – Chandogya Upanishad pdf सामवेद की तलवकार शाखा में इस उपनिषद को मान्यता प्राप्त है। इसमें दस अध्याय हैं। इसके अन्तिम आठ अध्याय ही इस उपनिषद में लिये गये
कठोपनिषद – Katha Upanishad कठोपनिषद (Kathopanishad PDF) कृष्ण यजुर्वेद शाखा का एक उपनिषद है जिनमें वाजश्रवा-पुत्र नचिकेता और यमराज के बीच संवाद हैं। कठोपनिषद (Katha Upanishad Hindi) के रचयिता कठ
ईशावास्योपनिषद – Ishavasya Upanishad ईशोपनिषद (Ishavasya Upanishad Pdf) शुक्ल यजुर्वेदीय शाखा के अन्तर्गत एक उपनिषद है। ईशावास्य उपनिषद् अपने नन्हें कलेवर के कारण अन्य उपनिषदों के बीच बेहद महत्त्वपूर्ण स्थान
शुक्ल यजुर्वेद के उपनिषद इशावास्योपनिषद यजुर्वेद सहिंता के चालीसवें अध्याय को ईशावास्योपनिषद कहा जाता है। यह अत्यंत प्राचीन पद्यात्मक उपनिषद है। इस उपनिषद में त्यागपूर्ण भोग, कर्म की महत्ता, विद्या-अविद्या
केनोपनिषद – Kena Upanishad Kena Upnaishad PDF- केनोपनिषद में चार खण्ड हैं। प्रथम और द्वितीय खण्ड में गुरु-शिष्य की संवाद-परम्परा द्वारा उस (केन) प्रेरक सत्ता की विशेषताओं, उसकी गूढ़ अनुभूतियों
उपनिषद – Upanishad Pdf Upanishad Meaning : उपनिषद वैदिक दर्शन के प्रतिपादक ग्रन्थ हैं। वैदिक साहित्य में सबसे अंत में परिगणित होने के कारण तथा उच्च दार्शनिक चिंतन के कारण