व्रत – त्यौहार

भगवान विष्णु : कर्म और फल के प्रतीक होने के साथ जगत के पालनहार है

भगवान विष्णु : कर्म और फल के प्रतीक होने के साथ जगत के पालनहार है शिव पुराण में भगवान विष्णु के विषय में सर्वविदित तथ्य दिए गए हैं। रुद्रसंहिता के

सम्पूर्ण श्रीरामचरितमानस सुन्दरकाण्ड पाठ

  सम्पूर्ण श्रीरामचरितमानस सुन्दरकाण्ड पाठ श्लोक शान्तं शाश्वतमप्रमेयमनघं निर्वाणशान्तिप्रदं ब्रह्माशम्भुफणीन्द्रसेव्यमनिशं वेदान्तवेद्यं विभुम् । रामाख्यं जगदीश्वरं सुरगुरुं मायामनुष्यं हरिं वन्देऽहं करुणाकरं रघुवरं भूपालचूड़ामणिम्॥१॥ नान्या स्पृहा रघुपते हृदयेऽस्मदीये सत्यं वदामि च भवानखिलान्तरात्मा।

ब्रह्म तत्व सर्वव्यापी है और जो शाश्वत अजर-अमर और अविनाशी स्वरूप है

ब्रह्म तत्व सर्वव्यापी है और जो शाश्वत अजर-अमर और अविनाशी स्वरूप है सृष्टि के कण-कण में उसका निवास है। अणु-अणु का मूलाधार वह परमात्म तत्त्व ही है। सब कुछ उसी

हिन्‍दू धर्म – जिसके मूल तत्व सत्य, अहिंसा, दया, क्षमा, दान है …

हिन्‍दू धर्म – जिसके मूल तत्व सत्य, अहिंसा, दया, क्षमा, दान है … हिन्‍दू धर्म -Sanatan Dharma  हिन्दुत्व को प्राचीन काल में सनातन धर्म कहा जाता था। हिन्दुओं के धर्म

Scroll to Top