मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

भुवनेश्वरी ध्यानम् मंत्र

 

भुवनेश्वरी ध्यानम् मंत्र

उद्यद्दिनद्युतिमिन्दुकिरीटां
तुङ्गकुचां नयनत्रययुक्ताम् ।
स्मेरमुखीं वरदाङ्कुशपाशां_
ऽभीतिकरां प्रभजे भुवनेशीम् ॥१॥

सिन्दूरारुणविग्रहां त्रिनयनां माणिक्यमौलिस्फुरत् ।
तारानायकशेखरां स्मितमुखीमापीनवक्षोरुहाम् ॥
पाणिभ्यामलिपूर्णरत्नचषकं संविभ्रतीं शाश्वतीं ।
सौम्यां रत्नघटस्थमध्यचरणां द्यायेत्परामम्बिकाम् ॥२॥

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