योग - मैडिटेशन

शीतलि प्राणायाम : उच्च रक्त्चाप को कम करने के लिए करे शीतलि प्राणायाम

शीतलि प्राणायाम – Sheetali Pranayama

शीतली प्राणायाम, जिसे कूलिंग ब्रीथ के रूप में भी जाना जाता है, “शीतली” शब्द का अर्थ है शीतलता, वह प्रक्रिया जो हमारे शरीर को ठंडा कर सकती है और ठंडक का अहसास कराती है। शीतली शब्द मूल रूप से “शीतल” शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ है ठंडा। शीतली प्राणायाम के दैनिक अभ्यास से शरीर के साथ-साथ मन भी शांत हो सकता है।

शीतलि प्राणायाम करने का तरीका – Sheetali Pranayama Steps

ध्यानात्मक आसन में बैठकर हाथ घुटने पर रखे ! जिव्हा को नालीनुमा मोड़कर मुँह खुला हुए मुँह से पूरक करें जिव्हा से धीरे धीरे स्वास लेकर फेफड़ो को पूरा भरे कुछ षण रोककर मुँह को बंद करके दोनों नासिकाओं से रेचक करें तत्पश्चात पुनः जिव्हा मोड़कर मुँह से पूरक व नाक से रेचक करें इस तरह ८ से १० बार करें ! शीतकाल में इसका अभ्याश कम करें !

NOTE

कुम्भक के साथ जालंधर बन्ध भी लगा सकते है कफ प्रकृति एव टॉन्सिल के रोगियों को शीतलि व सीत्कारी प्राणायाम नहीं करना चाहिए |

शीतलि प्राणायाम के लाभ – Sheetali Pranayama Benefits

१. जिव्हा, मुँह व गले के रोगो में लाभप्रद है गुल्म, प्लीहा, ज्वर अजीर्ण आदि ठीक होते है !

२. इसकी सिद्धि से भूख – प्यास पर विजय प्राप्त होती है ऐसा योग ग्रन्थो में कहा गया है !

३.उच्च रक्त्चाप को कम करता है पित के रोगो में लाभप्रद है ! रक्त्शोधन भी करता है !

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