शांति पाठ : जानिए अर्थ और महिमा

0
45

शांति पाठ – Shanti Path

Shanti Paath in Hindi : शांती पाठ या शांति मंत्र (Shanti Mantra or Peace Mantra) देवता से की जाने वाली प्रार्थना है। यह वैदिक प्रार्थना है जो यजुर्वेद से ली गई है। हिन्दू धर्म अनुसार जब भी कोई कार्य आरंभ करते हैं, तो उस कार्य की शुभता के लिए हम ईश्वर से प्रार्थना करतें है कि वह कार्य निर्विघ्न पूर्ण हो, इसके लिए गणेशजी जिन्हें विघ्न विनाशक कहा गया है, की पूजा करके मंगल कामना करते है। उसी तरह प्रत्येक धार्मिक अनुष्ठान के विधिवत और शांतिपूर्वक सम्पूर्ण होने हेतु और वातावरण की सात्विकता और शुद्धि के लिए शांति पाठ करना आवश्यक होता है।

Shanti Paath in Hindi

ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षँ शान्ति:,
पृथ्वी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति:।
वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति:,
सर्वँ शान्ति:, शान्तिरेव शान्ति:, सा मा शान्तिरेधि॥
ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:॥

अर्थात् :  द्यूलोक में शांति हो, अंतरिक्ष में शांति हो, पृथ्वी शांत हो, जल शांत हो, औषधियां और वनस्पति शांति देने वाली हो। सभी पदार्थ सुसंगत और शांत हो, ज्ञान में शांति हो, विश्व की प्रत्येक वस्तु शांति युक्त हो। सर्वत्र शांति हो, वह शांति मुझे भी प्राप्त हो। इस पाठ से प्रार्थना करने पर मन शांत होता है।

Peace Mantra – Shanti Path in English With Meaning

Om Dyau Shanti Rantariksha Gwam: May there be peace in the whole sky and in the whole external, vast space.

ShantiPrithvi Shanti Rapah: May there be peace on earth, in water in all living beings.

Shanti Roshadhayah Shanti Vanas Patayah: May there be peace in trees, creepers, greenery, flowers, in water and all herbs – all environment.

Shanti Vishwed Devah Shanti Brahma: May there be peace in the whole universe and the Supreme being, Brahma.

Sarvag Wam Shanti Shanti Reva Shanti Sa Ma Shanti Redhi: May there be peace among all and everywhere – all live in peace along.

Om Shanti Shanti Shanti: May there be peace to us and all beings.

यह प्रार्थना सांसारिक धन, सफलता, नाम या प्रसिद्धि पाने के लिए नहीं है, न ही यह मरणोपरांत स्वर्ग प्राप्ति के लिए प्रार्थना है। यह हिन्दू धर्म में विश्व शांति के लिए की जाने वाली एक सुंदर प्रार्थना है। यजुर्वेद के इस शांति पाठ मंत्र के जरिये साधक ईश्वर से शांति बनाये रखने की प्रार्थना करता है। विशेषकर हिंदू संप्रदाय के लोग अपने किसी भी प्रकार के धार्मिक कृत्य, संस्कार, यज्ञ आदि के आरंभ और अंत में इस शांति पाठ के मंत्रों का मंत्रोच्चारण करते हैं। वैसे तो इस मंत्र के जरिये कुल मिलाकर जगत के समस्त जीवों, वनस्पतियों और प्रकृति में शांति बनी रहे इसकी प्रार्थना की गई है |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here