धर्म ज्ञान

वर्ष नव, हर्ष नव, जीवन उत्कर्ष नव …..स्वागत 2018

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भक्तिसंस्कार की तरफ से आप सभी को वर्ष 2018 के शुभागमन पर हार्दिक शुभकामनाये, तथा आशा करते है की यह वर्ष आपके लिए उन्नति, उत्कर्ष, उन्माद के हर वो क्षण ले आये जिसके लिए आप सदैव प्रतीक्षार्थी है और साथ ही इस वर्ष भी आप पर अपने इष्ट देव की कृपा बानी रहे | आपके लिए आज हम लाये है हरिवंश राय बच्चन जी और सुमित्रा नंदन पंत जी की कुछ कविताये जो आपके लिए इस वर्ष की शुरुआत में संजीवनी का कार्य करेगी |

और साथ ही यह सूचित करते हुवे अत्यंत हर्ष हो रहा ही की भक्तिसंस्कार वेबसाइट अब अंग्रेजी भाषा में भी बहुत जल्द उपलब्ध होने जा रही है, जिससे हमारे देश के बहार के लोग जो हिन्दू संस्कृति और संस्करो से अवगत होना चाहते है वो भी हो पाएंगे |

नव वर्ष / हरिवंशराय बच्चन

वर्ष नव,
हर्ष नव,
जीवन उत्कर्ष नव।

नव उमंग,
नव तरंग,
जीवन का नव प्रसंग।

नवल चाह,
नवल राह,
जीवन का नव प्रवाह।

गीत नवल,
प्रीत नवल,
जीवन की रीति नवल,
जीवन की नीति नवल,
जीवन की जीत नवल!

नवल हर्षमय नवल वर्ष यह / सुमित्रानंदन पंत

नवल हर्षमय नवल वर्ष यह,
कल की चिन्ता भूलो क्षण भर;
लाला के रँग की हाला भर
प्याला मदिर धरो अधरों पर!
फेन-वलय मृदु बाँह पुलकमय
स्वप्न पाश सी रहे कंठ में,
निष्ठुर गगन हमें जितने क्षण
प्रेयसि, जीवित धरे दया कर!

नोट : इस पोस्ट में भक्तिसंस्कार कोई advertise नहीं लगा रहा है ताकि हमारी शुभकामनाये बिना किसी अड़चन के आप तक सहर्ष पहुंचे | 

About the author

Team Bhaktisatsang

भक्ति सत्संग वेबसाइट ईश्वरीय भक्ति में ओतप्रोत रहने वाले उन सभी मनुष्यो के लिए एक आध्यात्मिक यात्रा है, जिन्हे अपने निज जीवन में सदैव ईश्वर और ईश्वरत्व का एहसास रहा है और महाज्ञानियो द्वारा बतलाये गए सत के पथ पर चलने हेतु तत्पर है | यहाँ पधारने के लिए आप सभी महानुभावो को कोटि कोटि प्रणाम

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