Ekadshi Dates 2020 – एकादशी व्रत तिथि 2020

0
31
ekadashi-date

Ekadashi Dates 2020 – एकादशी व्रत लिस्ट 2020

हिंदू परंपरा में एकादशी (Ekadasi 2020) को पुण्य कार्यों और भक्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। सनद रहे की एकादशी तिथि (Ekadashi Vrat 2020) हिंदू पंचांग की ग्यारहवों तिथि होती है, जो हर माह में 2 बार पड़ती है एक कृष्ण पक्ष में और दूसरो शुक्ल पक्ष में। वैसे तो एक साल में 24 एकादशियां होती हैं लेकिन मलमास या अधिक मास होने के कारण इनकी संख्या 26 हो जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है इसलिए इन एकादशी को हरि वासर व हरि दिन के नाम से भी जाना जाता है, आइए जानते हैं हिंदू पंचांग के अनुसार आने वाले साल 2020 में कब और किस तिथि को पड़ रही है एकादशी –

6 जनवरी 2020, सोमवार
पुत्रदा एकादशी
पौष, शुक्ल एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 03:06, 06 जनवरी
समाप्त – 04:02, 07 जनवरी

20 जनवरी, 2020, सोमवार
षटतिला एकादशी
माघ, कृष्ण एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 02:51, 20 जनवरी
अंत – 02:05, 21 जनवरी

5 फरवरी, 2020, बुधवार
जया एकादशी
माघ, शुक्ल एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 21:49, फरवरी 04
अंत – 21:30, 05 फरवरी

19 फरवरी, 2020, बुधवार
विजया एकादशी
फाल्गुन, कृष्ण एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 14:32, 18 फरवरी
अंत – 15:02, 19 फरवरी

6 मार्च, 2020, शुक्रवार
आमलकी एकादशी
फाल्गुन, शुक्ल एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 13:18, मार्च 05
समाप्त – 11:47, 06 मार्च

19 मार्च, 2020, गुरुवार
पापमोचनी एकादशी
चैत्र, कृष्ण एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 04:26, 19 मार्च
अंत – 05:59, मार्च 20

20 मार्च, 2020, शुक्रवार
वैष्णव पापमोचनी एकादशी
चैत्र, कृष्ण एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 04:26, 19 मार्च
अंत – 05:59, मार्च 20

4 अप्रैल, 2020, शनिवार
कामदा एकादशी
चैत्र, शुक्ल एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 00:58, 04 अप्रैल
अंत – 22:30, अप्रैल 04

18 अप्रैल, 2020, शनिवार
वरूथिनी एकादशी
वैशाख, कृष्ण एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 20:03, 17 अप्रैल
अंत – 22:17, अप्रैल 18

3 मई, 2020, रविवार
मोहिनी एकादशी
वैशाख, शुक्ल एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 09:09, 03 मई
अंत – 06:12, 04 मई

4 मई, 2020, सोमवार
गौना मोहिनी एकादशी
वैष्णव मोहिनी एकादशी
वैशाख, शुक्ल एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 09:09, 03 मई
अंत – 06:12, 04 मई

18 मई, 2020, सोमवार
अपरा एकादशी
ज्येष्ठ, कृष्ण एकादशी
तिथि प्रारम्भ – १२:४२, १, मई
अंत – 15:08, 18 मई

2 जून, 2020, मंगलवार
निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ, शुक्ल एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 14:57, जून 01
अंत – 12:04, जून 02

17 जून, 2020, बुधवार
योगिनी एकादशी
आषाढ़, कृष्ण एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 05:40, 16 जून
अंत – 07:50, 17 जून

1 जुलाई, 2020, बुधवार
देवशयनी एकादशी
आषाढ़, शुक्ल एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 19:49, 30 जून
अंत – 17:29, 01 जुलाई

30 जुलाई, 2020, गुरुवार
श्रवणपुत्रदा एकादशी
श्रावण, शुक्ल एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 01:16, 30 जुलाई
अंत – 23:49, 30 जुलाई

15 अगस्त, 2020, शनिवार
अजा एकादशी
भाद्रपद, कृष्ण एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 14:01, 14 अगस्त
अंत – 14:20, 15 अगस्त

29 अगस्त, 2020, शनिवार
पारस एकादशी
भाद्रपद, शुक्ल एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 08:38, 28 अगस्त
अंत – 08:17, 29 अगस्त

13 सितंबर, 2020, रविवार
इंदिरा एकादशी
अश्विनी, कृष्ण एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 04:13, 13 सितंबर
समाप्त – 03:16, 14 सितंबर

27 सितंबर, 2020, रविवार
पद्मिनी एकादशी
अश्विना, शुक्ल एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 18:59, 26 सितंबर
अंत – 19:46, 27 सितंबर

13 अक्टूबर, 2020, मंगलवार
परम एकादशी
कृतिका, कृष्ण एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 16:38, 12 अक्टूबर
अंत – 14:35, 13 अक्टूबर

27 अक्टूबर, 2020, मंगलवार
पापांकुशा एकादशी
अश्विना, शुक्ल एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 09:00, 26 अक्टूबर
अंत – 10:46, 27 अक्टूबर

11 नवंबर, 2020, बुधवार
रमा एकादशी
कृतिका, कृष्ण एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 03:22, 11 नवंबर
अंत – 00:40, 12 नवंबर

25 नवंबर, 2020, बुधवार
देवोत्थान एकादशी
कृतिका, शुक्ल एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 02:42, 25 नवंबर
अंत – 05:10, 26 नवंबर

26 नवंबर, 2020, गुरुवार
वैष्णव देवोत्थान एकादशी
गुरुवायुर एकादशी
कृतिका, शुक्ल एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 02:42, 25 नवंबर
अंत – 05:10, 26 नवंबर

11 दिसंबर, 2020, शुक्रवार
उत्पन्ना एकादशी
मार्गशीर्ष, कृष्ण एकादशी
तिथि प्रारम्भ – 12:51, 10 दिसंबर
अंत – 10:04, 11 दिसंबर

25 दिसंबर, 2020, शुक्रवार
मोक्षदा एकादशी
वैकुंठ एकादशी
मार्गशीर्ष, शुक्ल एकादशी
तिथि प्राम्भ – 23:17, 24 दिसंबर
अंत – 01:54, 26 दिसंबर

Previous articleतिरुपति बालाजी मंदिर – Tirupati Balaji Temple
Next articleषटतिला एकादशी 2020 – पौराणिक कथा और व्रत विधि
भक्ति सत्संग वेबसाइट ईश्वरीय भक्ति में ओतप्रोत रहने वाले उन सभी मनुष्यो के लिए एक आध्यात्मिक यात्रा है, जिन्हे अपने निज जीवन में सदैव ईश्वर और ईश्वरत्व का एहसास रहा है और महाज्ञानियो द्वारा बतलाये गए सत के पथ पर चलने हेतु तत्पर है | यहाँ पधारने के लिए आप सभी महानुभावो को कोटि कोटि प्रणाम

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here