जानें साल 2021 में कितने लगेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण, समय और तारीख.

वर्ष 2021 में लगेंगे दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण 

साल 2020 समाप्ति की ओर है, और अगले चंद दिनों बाद से 2021 शुरु होने वाला है, ऐसे में इस साल यानि 2020 का आखिरी सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर को लग रहा है। इसके बाद अगले साल 2021 में चार ग्रहण लगेंगे। इनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे।

पहला चंद्रग्रहण 2021 – Chandra Grahan 2021

  • साल 2021 में 26 मई को ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। यह ग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, पैसेफिक और अमेरिका में दिखाई देगा।
  • चंद्र ग्रहण 2021 के अंतर्गत वर्ष का यह पहला चंद्र ग्रहण एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जो साल के मध्य में 26 मई 2021, को लगेगा।
  • हिन्दू पंचांग के अनुसार, इस चंद्र ग्रहण का समय बुधवार, 26 मई 2021 की दोपहर 14:17 बजे से, शाम 19:19 बजे तक होगा।
  • इसके साथ ही पंचांग की मानें तो, वर्ष 2021 का ये पहला चंद्र ग्रहण विक्रम संवत 2078 में वैशाख माह की पूर्णिमा को घटित होगा, जिसका प्रभाव वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में सबसे ज़्यादा देखने कों मिलेगा।

  • इस चंद्र ग्रहण का दृश्य क्षेत्र पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका होंगे, जहां ये पूर्ण चंद्र ग्रहण की तरह दृश्य होगा।
    भारत में भी यूं तो ये दृश्य होगा, लेकिन यहां ये महज एक उपच्छाया ग्रहण की तरह ही देखा जाएगा जिस कारण भारत में इसका सूतक नहीं लगेगा।

पहला सूर्य ग्रहण 2021 – Surya Grahan 2021

  • साल 2021 का पहला सूर्य ग्रहण 10 जून 2021 को लगेगा। यह वलयाकार ग्रहण होगा। यह अमेरिका, यूरोप, एशिया, कनाडा, और ग्रीनलैंड में दिखाई देगा।
  • वलयाकार सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्र पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए, सामान्य की तुलना में उससे दूर हो जाता है। इस दौरान चंद्र सूर्य और पृथ्वी के बीच होता है, लेकिन उसका आकार पृथ्वी से देखने पर इतना नज़र नहीं आता कि वह पूरी तरह सूर्य की रोशनी को ढक सके। इस स्थिति में चंद्र के बाहरी किनारे पर सूर्य काफ़ी चमकदार रूप से रिंग यानि एक अंगूठी की तरह प्रतीत होता है। इस घटना को ही वलयाकार सूर्य ग्रहण कहते है।
  • हिन्दू पंचांग के अनुसार इस ग्रहण का समय गुरूवार की दोपहर 10 जून, को 13:42 बजे से बजे से शाम 18:41 बजे तक होगा।
  • साल 2021 का पहला सूर्य ग्रहण भारत में न दिखाई देते हुए केवल उत्तरी अमेरिका के उत्तरी भाग में, यूरोप और एशिया में, उत्तरी कनाडा, ग्रीनलैंड और रुस में भी देखा जाएगा।
  • भारत में चूंकि इस सूर्य ग्रहण की दृश्यता न तो पूर्ण रुप से और ना ही आंशिक रुप से होगी, इसलिए इसका सूतक भी भारत में प्रभावी नहीं होगा।

दूसरा चंद्रग्रहण 2021 – Chandra Grahan 2021

  • इसके बाद अगला चंद्र ग्रहण 19 नवंबर को लगेगा। यह ग्रहण आंशिक ग्रहण होगा। अमेरिका, यूरोप, एशिया और ऑस्ट्रेलिया पैसेफिक में यह दिखाई देगा।
  • चंद्र ग्रहण 2021 के अंतर्गत वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण एकआंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जो शुक्रवार, 19 नवंबर 2021 को पड़ेगा।
  • हिन्दू पंचांग के अनुसार, इस चंद्र ग्रहण का समय दोपहर 11:32 बजे से, रात्रि 17:33 बजे तक होगा।
  • हिन्दू पंचांग की मानें तो, वर्ष 2021 का ये दूसरा चंद्र ग्रहण विक्रम संवत 2078 में कार्तिक माह की पूर्णिमा को घटित होगा, जिसका प्रभाव वृषभ राशि और कृत्तिका नक्षत्र में सबसे ज़्यादा दिखाई देगा।
  • इसकी दृश्यता भारत, अमेरिका, उत्तरी यूरोप, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र में होगी।
  • चूंकि भारत में यह चंद्र ग्रहण उपच्छाया ग्रहण के रूप में दिखाई देगा, इसलिए यहां इसका सूतक प्रभावी नहीं होगा।

दूसरा सूर्य ग्रहण 2021 – Surya Grahan 2021

  • इसके बाद साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 04 दिसंबर को लगेगा। वर्ष 2021 का यह दूसरा व अंतिम सूर्य ग्रहण एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। यह शनिवार, 04 दिसंबर 2021 को लगेगा। पूर्ण सूर्य ग्रहण उस स्थिति में होता है जब चंद्र, सूर्य और पृथ्वी के बीच में आकर सूर्य को ढक लेता है जिससे सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता है।
  • ये दूसरा सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, अटलांटिक के दक्षिणी भाग, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में ही नज़र आएगा।
    इस सूर्य ग्रहण की दृश्यता चूंकि भारत में बिलकुल शून्य होगी, इसलिए भारत में इसका सूतक काल भी प्रभावी नहीं होगा।

ग्रहण के दौरान क्या करें व क्या न करें :

  • चंद्र ग्रहण के दौरान उसके सूतक समाप्त होने तक किसी भी प्रकार के नए कार्य की शुरुआत न करें।
  • चंद्र ग्रहण के सूतक के दौरान भोजन बनाने और खाने से परहेज करें।
  • किसी भी तरह के लड़ाई-झड़गे करने से बचें।
  • किसी भी धारदार वस्तु का उपयोग न करें।
  • देवी-देवताओं की प्रतिमा और तुलसी के पौधे का स्पर्श न करें।
  • माना जाता है कि सूतक काल के समय सोना भी वर्जित होता है।

इन बातों का रखें ध्यान…

  • सूर्य ग्रहण के सूतक काल के दौरान कम बोलें और संभव हो तो केवल मन ही मन भगवान का स्मरण करें।
  • सूतक काल के दौरान ग्रहण संबंधित ग्रह की शांति के लिए पूजा और पाठ करें।
  • सूतक काल के समय योग और ध्यान करें, क्योंकि ऐसा करने से न केवल आपकी मानसिक शक्ति का विकास होगा बल्कि आप अपने शरीर को ग्रहण के हर प्रकार के दुष्प्रभावों से भी बचाने में सफल होंगे।
  • सूतक काल लगने के दौरान खाना न पकाएं, जबकि पहले से बने खाने में तुलसी के कुछ पत्ते डाल दें।
  • सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य मंत्र एवं चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्र मंत्र का सपरिवार जाप करें।
  • पूजा के दौरान केवल और केवल मिट्टी के दियों का ही इस्तेमाल करें।
  • सूतक काल समाप्त होने पर स्नान कर पुनः पूजा करें।
  • ग्रहण समाप्ति पर घर और पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव कर उसे शुद्ध करें।

ग्रहण के दौरान मंत्र जाप…

सूर्य ग्रहण में इस मंत्र का करें जाप…

“ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नोः सूर्य: प्रचोदयात”।।

 चंद्र ग्रहण में इस मंत्र का करें जाप….

“ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृत तत्वाय धीमहि तन्नोः चन्द्रः प्रचोदयात्”।।

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